मत जानो घबराना क्या है
मत जानो घबराना क्या है
मत जानो घबराना क्या है
ठाना आज बहाना क्या है..
जाने वाले को रोको मत
झूठे को ठहराना क्या है..
खाई ठोकर जब अपनों से
तब समझे टकराना क्या है..
साज़िश रंजिश उसके साथी
फिर अपना बेगाना क्या है..
बीत गया सो बीत गया है
निज करनी पछताना क्या है..
छाती ठोके बोलो सब कुछ
सच से अब कतराना क्या है..
संग मत ढूंढो तन्हा दौड़ो
'आईना' खो पाना क्या है।
