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Kavita Sharrma

Abstract

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Kavita Sharrma

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मसाले जिंदगी के

मसाले जिंदगी के

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जिंदगी में मसाले होने ज़रूरी हैं

कभी खुशी का तड़का

ग़म की खिचड़ी होनी चाहिए 

ठहाकों की चाशनी प्रेम की हल्दी

से बघार तो लगाइए

कभी मिर्च सी तलखी हो तो

 मीठी खीर भी परोसिए 

अनोखा ज़ायका लेना है तो

हर मसाले को ज़रा प्यार से डालिए

ज़ायकेदार ज़िंदगी का स्वाद तो चखिए

हैरानी से दाँतों तले उँगलियाँ दबाइए।


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