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Anupama Sham

Abstract Tragedy

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Anupama Sham

Abstract Tragedy

मरने के बाद

मरने के बाद

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ना रहता है चेहरा

ना रहती है देह

बस रहती है यादें

और कुछ स्नेह


मरने के बाद

आती है याद

उस व्यक्ति का साथ

दिन और रात


हो जाता है अंतिम संस्कार

मिलाकर कंधे चार

हो जाते हो तुम इस संसार से पार

देखते है सब तुम्हें आखिरी बार


सब लोग देते हैं दुआएं

आत्मा की शांति के लिए

तस्वीर के सामने

जलाते है दीये


मरने के बाद

तुम छोड़ देते हो ये जहां

रह जाती है यादें

हर जगह कहाँ कहाँ



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