Hemant Yadav
Romance
कुछ बातें ऐसी रह जाती हैं
मोहब्बत में ना हम बयां
कर पाते हैं ना वो समझ पाते हैं
हिंदी मुबारक ...
मेरे अल्फाज
आईना
वो स्त्री
मेरी मोहब्बत
खामोशी
दुःख
जिंदगी
मोहब्बत
मैं राज़ भी तुम्हारा मैं हमराज भी तुम्हारा। मैं राज़ भी तुम्हारा मैं हमराज भी तुम्हारा।
अनकही बातों को मेरी कान में तेरे कह जाता है अनकही बातों को मेरी कान में तेरे कह जाता है
दिल में हो जज्बात, तुम हो मेरे साथ, जिंदगी के उस पल तक मैं तुम्हारे साथ हूं। दिल में हो जज्बात, तुम हो मेरे साथ, जिंदगी के उस पल तक मैं तुम्हारे साथ हू...
तेरी आँखों को देख के बरसती हुई बारिश भी शरमाने लगी है, तेरी आँखों को देख के बरसती हुई बारिश भी शरमाने लगी है,
क्या क्या बयां करूं मैं इक पल भी बिन तुम्हारे ख्यालों के नहीं कटता है. क्या क्या बयां करूं मैं इक पल भी बिन तुम्हारे ख्यालों के नहीं कटता है.
निगाहों के निगाहों में घुलने की वो मुलाकात अभी बाकी है निगाहों के निगाहों में घुलने की वो मुलाकात अभी बाकी है
तेरे संसर्ग से मैं खुद भी बहक गई हूँ। तेरे संसर्ग से मैं खुद भी बहक गई हूँ।
खैरात है क्या अहसास मेरे । बस दिल बहलाने के काम आता हूँ खैरात है क्या अहसास मेरे । बस दिल बहलाने के काम आता हूँ
चांद का अपने चांदनी के संग खुल्लम खुल्ला प्यार। चांद का अपने चांदनी के संग खुल्लम खुल्ला प्यार।
तेरे लरजते होंठों पर उतरती है हुस्न की बारात सी तेरे लरजते होंठों पर उतरती है हुस्न की बारात सी
जब -जब जीवन में खुशियाँ आई , मुख पर नाम सिर्फ तुम्हारा आया. जब -जब जीवन में खुशियाँ आई , मुख पर नाम सिर्फ तुम्हारा आया.
मेरे संदेश का देकर ज़वाब, तूने तोहफा भेजा है सनम। मेरे संदेश का देकर ज़वाब, तूने तोहफा भेजा है सनम।
स्पर्श से जन्मे पुलकते गीत हम गाते रहे। स्पर्श से जन्मे पुलकते गीत हम गाते रहे।
उस चांद को चांदनी से प्यार था करता इंतजार हर रात था। उस चांद को चांदनी से प्यार था करता इंतजार हर रात था।
जल्दी छत पर आ जा गोरी हम बारिश बारिश खेलेंगे। जल्दी छत पर आ जा गोरी हम बारिश बारिश खेलेंगे।
बेताब मन होठों पे शरारती हुजूम कुछ जाहिर नहीं शब्दों में। बेताब मन होठों पे शरारती हुजूम कुछ जाहिर नहीं शब्दों में।
देखे सारे द्वार को, अपने आँगन प्यार को कहाँ से आएंगे, श्यामा मेरे। देखे सारे द्वार को, अपने आँगन प्यार को कहाँ से आएंगे, श्यामा मेरे।
समझकर भी कौन सा मेरे दिल का बोझ हल्का करोगे। समझकर भी कौन सा मेरे दिल का बोझ हल्का करोगे।
सोने की तार से हो बुनी जालीदार किनारे तारों के बटन है या सच में हो तारे सोने की तार से हो बुनी जालीदार किनारे तारों के बटन है या सच में हो तारे
लगते हैं अब तो इश्क के सिवा सब रिश्ते बेनाम के। लगते हैं अब तो इश्क के सिवा सब रिश्ते बेनाम के।