Rajat Patel
Thriller
इस सारी को इज्जत को दफन किए जाए,
आज इश्क़ के नाम पे थोड़े ज़ख्म दिए जाए,
आज कल तो मोहब्बत का यही नाम है,
चलो हो गई मोहब्बत अब कपड़े पहन लिए जाए।
मोहब्बत और जि...
तुझे बना कर औ...
कैसे प्रेम प्...
हमारी वजह से ...
एक ही ख्वाहिश
ख्वाबों में त...
इश्क़ और मौत
इश्क़ का खेल
हे लाल लंगूर, आज शरण तुम्हारी हम आए भर लो विपदा हमारी हे लाल लंगूर, आज शरण तुम्हारी हम आए भर लो विपदा हमारी
बेटी को फटकारते, जीते जी मारते मिले ऐसी ना फिर, दुत्कार मां दुत्कार मां बेटी को फटकारते, जीते जी मारते मिले ऐसी ना फिर, दुत्कार मां दुत्कार मां
पार नहीं पाया कभी, आंखों में भरे जब राज, शहीदों की आंखों पर, देश को होता है नाज।। पार नहीं पाया कभी, आंखों में भरे जब राज, शहीदों की आंखों पर, देश को होता है न...
पर प्रकृति की क्रोध के आगे मनुष्य बड़ा लाचार है। पर प्रकृति की क्रोध के आगे मनुष्य बड़ा लाचार है।
इस निविड़ बने जीवन में फिर से आनंद की इक लहर बह जाने दे। इस निविड़ बने जीवन में फिर से आनंद की इक लहर बह जाने दे।
आओ तुमको वीर शहीदों की गाथा बतलाता हूं अरे आजादी के दीवानों की कुर्बानी दोहराता हूं आओ तुमको वीर शहीदों की गाथा बतलाता हूं अरे आजादी के दीवानों की कुर्बानी दोहरा...
हर पल पल इज़हार कमिल-तरिन किया एक पल इकरार शिकस्त-फरिश्ता किया ! हर पल पल इज़हार कमिल-तरिन किया एक पल इकरार शिकस्त-फरिश्ता किया !
जो मिट गया, वही बचा है, यही सत्य समझ में आए। न चंदन की महक बसे है, न फूलों की गंध यहाँ जो मिट गया, वही बचा है, यही सत्य समझ में आए। न चंदन की महक बसे है, न फूलों की...
दो सिक्कों के लिए उसको गिरवीं रखते देखा है। दो सिक्कों के लिए उसको गिरवीं रखते देखा है।
यूँ इस दुनिया से जाने के बाद भी हमारी कहानी को … उस के शब्दों को आबाद करेंगे यूँ इस दुनिया से जाने के बाद भी हमारी कहानी को … उस के शब्दों को आबाद करेंगे
लाश को शमशान में रखकर अपने लोग ही पूछ्ते हैं, "और कितना वक़्त लगेगा" लाश को शमशान में रखकर अपने लोग ही पूछ्ते हैं, "और कितना वक़्त लगेगा"
क्या अभी कुछ हो सकता है ...कोई चमत्कार! क्या लौट के आ सकते हैं उस युवा के प्राण क्या अभी कुछ हो सकता है ...कोई चमत्कार! क्या लौट के आ सकते हैं उस युवा के प्र...
आकाश के तारे गिनना चांद की सुंदरता को निहारना आकाश के तारे गिनना चांद की सुंदरता को निहारना
बस ज़रुरत है तो समझने वालों की, इनकी मौन भाषा पढ़ने वालों की। बस ज़रुरत है तो समझने वालों की, इनकी मौन भाषा पढ़ने वालों की।
हमारी ज़रूरत के लिए, हम अच्छे कमरे आसपास में ढूँढ़ने लगे। हमारी ज़रूरत के लिए, हम अच्छे कमरे आसपास में ढूँढ़ने लगे।
स्वच्छ हो भारत, स्वस्थ रहें सब - ये सन्देश जन-जन तक पहुँचाना है, स्वच्छ हो भारत, स्वस्थ रहें सब - ये सन्देश जन-जन तक पहुँचाना है,
नायक हमेशा टोपी नहीं पहनते हैं । नायक हमेशा टोपी नहीं पहनते हैं ।
व्यथा व्यथा
मैं किसी अलग पहचान की मोहताज नहींं मैं खुद एक पहचान हूं। मैं किसी अलग पहचान की मोहताज नहींं मैं खुद एक पहचान हूं।
यादें हैं बचपन की चुलबुली सी शुभकामनायें आप सब को होली की ! यादें हैं बचपन की चुलबुली सी शुभकामनायें आप सब को होली की !