Rajat Patel
Thriller
इस सारी को इज्जत को दफन किए जाए,
आज इश्क़ के नाम पे थोड़े ज़ख्म दिए जाए,
आज कल तो मोहब्बत का यही नाम है,
चलो हो गई मोहब्बत अब कपड़े पहन लिए जाए।
मोहब्बत और जि...
तुझे बना कर औ...
कैसे प्रेम प्...
हमारी वजह से ...
एक ही ख्वाहिश
ख्वाबों में त...
इश्क़ और मौत
इश्क़ का खेल
उस रात में सर्प सा मिलन था हुआ वो मेरी जिंदगी में आके शामिल हुआ। उस रात में सर्प सा मिलन था हुआ वो मेरी जिंदगी में आके शामिल हुआ।
तुझे क्या मैं मानूं और क्या न मानूं ? तुझे खूबसूरत मानूं या श्यामल मानूं , तुझे क्या मैं मानूं और क्या न मानूं ? तुझे खूबसूरत मानूं या श्यामल मानूं ,
यही है आज का भारत। यही है बाल श्रम भारत।। यही है आज का भारत। यही है बाल श्रम भारत।।
इश्क के बिना दुनिया में "मुरली", इन्सान जिंदा मुर्दा बन जाता है। इश्क के बिना दुनिया में "मुरली", इन्सान जिंदा मुर्दा बन जाता है।
प्यार से दिल को चुमकर "मुरली", उसकी जगह पर मैंने लगा दिया। प्यार से दिल को चुमकर "मुरली", उसकी जगह पर मैंने लगा दिया।
मर्म की बात जहां में, वक्त अभी कर ले, वरना लोग कहेंगे मुख पर, अभी मर ले। मर्म की बात जहां में, वक्त अभी कर ले, वरना लोग कहेंगे मुख पर, अभी मर ले।
हम सभी जय माता दी जय माता दी जयकारा लगाते हैं। हम सभी जय माता दी जय माता दी जयकारा लगाते हैं।
प्रकृति का करिश्मा ही है यह प्रकृति का करिश्मा ही है यह
तड़प तड़प कर अब मर गया हूं मैं, मुझे कब्र में कभी चैन मिलेगा नहीं। तड़प तड़प कर अब मर गया हूं मैं, मुझे कब्र में कभी चैन मिलेगा नहीं।
पिता के कंधे पर कभी-कभी मां के आंचल में छिप जाना था पिता के कंधे पर कभी-कभी मां के आंचल में छिप जाना था
अन्तर्मन व रोम रोम में बस दीनानाथ बस जावै ! अन्तर्मन व रोम रोम में बस दीनानाथ बस जावै !
मेरे प्यारे दिल में बसकर "मुरली", मेरे हाथसे गज़ल तूं लिखा जा। मेरे प्यारे दिल में बसकर "मुरली", मेरे हाथसे गज़ल तूं लिखा जा।
तू तड़पाती है या पास आती है? इस खयालों में पूरी रात बीतती है। तू तड़पाती है या पास आती है? इस खयालों में पूरी रात बीतती है।
वादों से मुकरना का वक्त जो आ गया। वादों से मुकरना का वक्त जो आ गया।
ख्वाबों में आकर मत सताना, तड़प मेरी मिटा देना सनम। ख्वाबों में आकर मत सताना, तड़प मेरी मिटा देना सनम।
घर- घर प्रभु श्री राम जी के आने की जश्न है घर- घर प्रभु श्री राम जी के आने की जश्न है
तू मुझे कुछ कहना चाहती है मैं तुझे कुछ कहना चाहता हूं, तू मुझे कुछ कहना चाहती है मैं तुझे कुछ कहना चाहता हूं,
हैं बहुत ही अभिभूत सब हम। स्वागतम्, जी स्वागतम्। हे शुभ अतिथि, तव स्वागतम्। हैं बहुत ही अभिभूत सब हम। स्वागतम्, जी स्वागतम्। हे शुभ अतिथि, तव स्...
उनकी कुटिलता का आप कर सकते समूल विच्छेद। उनकी कुटिलता का आप कर सकते समूल विच्छेद।
उसपे बीती वो जाने भला समझ कैसे सके कोय।। उसपे बीती वो जाने भला समझ कैसे सके कोय।।