Rajat Patel
Thriller
इस सारी को इज्जत को दफन किए जाए,
आज इश्क़ के नाम पे थोड़े ज़ख्म दिए जाए,
आज कल तो मोहब्बत का यही नाम है,
चलो हो गई मोहब्बत अब कपड़े पहन लिए जाए।
मोहब्बत और जि...
तुझे बना कर औ...
कैसे प्रेम प्...
हमारी वजह से ...
एक ही ख्वाहिश
ख्वाबों में त...
इश्क़ और मौत
इश्क़ का खेल
जलन मेरे सीने के अन्दर है तुमबिन मिलन दिलका दिलसे सनम कुछ नहीं है। जलन मेरे सीने के अन्दर है तुमबिन मिलन दिलका दिलसे सनम कुछ नहीं है।
कहीं देवदार के पेड़, कहीं चीड़ सामने खड़े हैं यहाँ के मौसम के भी, सूना है मिज़ाज बड़े हैं कहीं देवदार के पेड़, कहीं चीड़ सामने खड़े हैं यहाँ के मौसम के भी, सूना है मिज़ाज...
जो खयाल कभी आया नहीं क्या यह वह हकीकत है जो खयाल कभी आया नहीं क्या यह वह हकीकत है
मिला हूँ बहुत शिक्षकों से मैं अपनी ज़िंदगी में, पर सर को मेरे दिल में एक अलग ही जगह बना मिला हूँ बहुत शिक्षकों से मैं अपनी ज़िंदगी में, पर सर को मेरे दिल में एक अलग ह...
पार नहीं पाया कभी, आंखों में भरे जब राज, शहीदों की आंखों पर, देश को होता है नाज।। पार नहीं पाया कभी, आंखों में भरे जब राज, शहीदों की आंखों पर, देश को होता है न...
इस निविड़ बने जीवन में फिर से आनंद की इक लहर बह जाने दे। इस निविड़ बने जीवन में फिर से आनंद की इक लहर बह जाने दे।
आओ तुमको वीर शहीदों की गाथा बतलाता हूं अरे आजादी के दीवानों की कुर्बानी दोहराता हूं आओ तुमको वीर शहीदों की गाथा बतलाता हूं अरे आजादी के दीवानों की कुर्बानी दोहरा...
हर पल पल इज़हार कमिल-तरिन किया एक पल इकरार शिकस्त-फरिश्ता किया ! हर पल पल इज़हार कमिल-तरिन किया एक पल इकरार शिकस्त-फरिश्ता किया !
लेकिन अपनी छाप यहां छोड़ना हैं, यादों में जीना, खुद को अमर करना हैं। लेकिन अपनी छाप यहां छोड़ना हैं, यादों में जीना, खुद को अमर करना हैं।
जो मिट गया, वही बचा है, यही सत्य समझ में आए। न चंदन की महक बसे है, न फूलों की गंध यहाँ जो मिट गया, वही बचा है, यही सत्य समझ में आए। न चंदन की महक बसे है, न फूलों की...
तू तो एक सपनों का खिलाड़ी था शातिर। तू तो एक सपनों का खिलाड़ी था शातिर।
बस ज़रुरत है तो समझने वालों की, इनकी मौन भाषा पढ़ने वालों की। बस ज़रुरत है तो समझने वालों की, इनकी मौन भाषा पढ़ने वालों की।
हमारी ज़रूरत के लिए, हम अच्छे कमरे आसपास में ढूँढ़ने लगे। हमारी ज़रूरत के लिए, हम अच्छे कमरे आसपास में ढूँढ़ने लगे।
एक तरफ था पर्वत उंचा और एक तरफ गहरी थी खाई एक तरफ था पर्वत उंचा और एक तरफ गहरी थी खाई
प्रेम और भक्ति से बुराई पराजित हो जाता है । प्रेम और भक्ति से बुराई पराजित हो जाता है ।
नायक हमेशा टोपी नहीं पहनते हैं । नायक हमेशा टोपी नहीं पहनते हैं ।
उलझनों की माला उतारके फेंक दो गले से मायावी जाल में कब तक यूँ अटकते रहोगे। उलझनों की माला उतारके फेंक दो गले से मायावी जाल में कब तक यूँ अटकते रहोगे।
व्यथा व्यथा
भारत की जय भारत की जय कंठ कंठ से गूँज उठने लगे। भारत की जय भारत की जय कंठ कंठ से गूँज उठने लगे।
कटे हुए नर मस्तक थे जो , उनको हाथ दबाया। कटे हुए नर मस्तक थे जो , उनको हाथ दबाया।