Rajat Patel
Thriller
इस सारी को इज्जत को दफन किए जाए,
आज इश्क़ के नाम पे थोड़े ज़ख्म दिए जाए,
आज कल तो मोहब्बत का यही नाम है,
चलो हो गई मोहब्बत अब कपड़े पहन लिए जाए।
मोहब्बत और जि...
तुझे बना कर औ...
कैसे प्रेम प्...
हमारी वजह से ...
एक ही ख्वाहिश
ख्वाबों में त...
इश्क़ और मौत
इश्क़ का खेल
सूचनाओं को परोसने में खेल कर रहे हैं धनिकों के खिलाड़ी। सूचनाओं को परोसने में खेल कर रहे हैं धनिकों के खिलाड़ी।
बस कुछ ही पल तू अपना है जो तुझसे ही मैं प्यार किया बस कुछ ही पल तू अपना है जो तुझसे ही मैं प्यार किया
अजब तमाशा, अजीब डरावना रहस्य छिपता, अजब तमाशा, अजीब डरावना रहस्य छिपता,
कौन था जिसे पता थी मेरी पसंद बचपन की कौन था जिसे पता थी मेरी पसंद बचपन की
मेरे इर्दगिर्द रहा करो ना मुझमें तेरी ये खनक अच्छी लगती है। मेरे इर्दगिर्द रहा करो ना मुझमें तेरी ये खनक अच्छी लगती है।
जो आज भी खुश है सिर्फ़ मेरे लिए जो आज भी खुश है सिर्फ़ मेरे लिए
अपने अंदर के बाज़ को, एक डाली का काग किये बैठा हूँ….. अपने अंदर के बाज़ को, एक डाली का काग किये बैठा हूँ…..
हमेशा बनाए रखें आप अपने भक्तों का अधिकार, सदा समर्थ और बलवान हो जय हनुमान। हमेशा बनाए रखें आप अपने भक्तों का अधिकार, सदा समर्थ और बलवान हो जय हनुमान।
हार अधूरा होता है जीत भी अधूरी होती है हार अधूरा होता है जीत भी अधूरी होती है
एक महबूब के ब्लॉक होते ही दूसरे कई और ऑप्शन खुल जाते। एक महबूब के ब्लॉक होते ही दूसरे कई और ऑप्शन खुल जाते।
जो लड़ सका अंतिम साँस तक, वही महान कहलाया है। जो लड़ सका अंतिम साँस तक, वही महान कहलाया है।
तुझे ना देखूँ जब भी, सब सूना लगता है कुछ ना है तेरे सिवा दिल मुझसे कहता है तुझे ना देखूँ जब भी, सब सूना लगता है कुछ ना है तेरे सिवा दिल मुझसे कहता है
मैं थका हुआ याद से आज़म उसकी जुल्फ़ों में उसकी ही सोऊ दिल करें। मैं थका हुआ याद से आज़म उसकी जुल्फ़ों में उसकी ही सोऊ दिल करें।
जो शोभा बढ़ा रही है विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम की। जो शोभा बढ़ा रही है विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम की।
नजरें चेहरे आवाज गतिविधियां सब बता देती है। नजरें चेहरे आवाज गतिविधियां सब बता देती है।
उन्हें नहीं सुधार सकते तो क्या, हम खुद अच्छे रिश्तेदार बन लेते हैं। उन्हें नहीं सुधार सकते तो क्या, हम खुद अच्छे रिश्तेदार बन लेते हैं।
जो भी मुश्किल हो जाए सामने, उससे मुकाबला करेंगे हम। जो भी मुश्किल हो जाए सामने, उससे मुकाबला करेंगे हम।
बिखर गया सामान -ओ-असबाब परिंदा उड़ चला तोड़ के मेहराब। बिखर गया सामान -ओ-असबाब परिंदा उड़ चला तोड़ के मेहराब।
यूँ जीयो और चलते चले जाओ ना रुको कभी ना रुकने का कभी पैग़ाम सुनाते जाओ ….. यूँ जीयो और चलते चले जाओ ना रुको कभी ना रुकने का कभी पैग़ाम सुनाते ज...
शब्दों को बिखरे कर पंक्तियाँ रचने की चाहत है बस। शब्दों को बिखरे कर पंक्तियाँ रचने की चाहत है बस।