STORYMIRROR

Dr. K.Anitha

Classics Fantasy Inspirational

4  

Dr. K.Anitha

Classics Fantasy Inspirational

मन

मन

1 min
198

भावनाओं की प्रतिक्रिया हैं मन,

मन की भावनाओं को,

जानने की शक्ति

 किसी को नहीं हैं,


मन कितनी कोमल हो,

मानव की सोच भी,

उतना ही कोमल होगा,

पर

भावनाओं को ठेस पहुंची तो,


मन अपनी बात खुद न

सुनती,

मनुष्य को भी ग़लत 

रास्ते में लेकर जाती,

इसलिए, हे ! मनुष्य


भावनाओं से खेलना मत,

भावनाओं को समझने की 

कोशिश करो ! कोशिश करो !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics