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Bindiya rani Thakur

Tragedy

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Bindiya rani Thakur

Tragedy

मन में मलाल क्यों

मन में मलाल क्यों

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मन में मलाल क्यों है 

दिल में सवाल क्यों है 

 

क्या खो दिया है हमने

शहर में इतना बवाल क्यों है!


छोटी सी ज़िन्दगी है

और इतने मसाइल क्यों है!


रिश्ते बोझ बनते जा रहे हैं 

वक्त बुनता मकड़जाल क्यों है!


कुछ ऐसा करो कि सुकून मिले

मेरा हाल इतना बेहाल क्यों है!  


सभी रूपए कमाने की होड़ में लगे हैं 

ना जाने हर इंसान यहाँ बदहाल क्यों है !


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