मन को पवित्र जल से छानों
मन को पवित्र जल से छानों
यह जीवन है रिश्तों का गुलदस्ता ;
यह बात तुम सब भी मन में जानो !
बहन भाई का बेहद पवित्र है रिश्ता ;
रिश्ते के हर हाल में निभाने की ठानो !
आत्म सत्य का दर्शन खुद ही कर लो ;
अपने मन में यूँ कभी झूठ ना बखानो !
बड़ी बहन होती है लगभग माँ के समान ;
और छोटी बहन को बेटी के समान मानो !
स्वतः दुनियां क़े स्वार्थ से तुम दूर रहो ;
निजमन को निर्मल पवित्र जल से छानो !
भाई बहन को कभी असहाय ना होने दो ;
सदा अपने सारे सहोदर रिश्ते को पहचानो!
