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Vimla Jain

Inspirational

4  

Vimla Jain

Inspirational

मन के विचारों का सैलाब

मन के विचारों का सैलाब

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मन तो पागल है इधर-उधर दौड़ता ही रहता है।

एक सेकंड को भी शांत नहीं बैठता है।

 हजारों मील दूर चक्कर लगाया जाता है।

एक सेकंड में हम अपने घर की सोचते हैं ।

दूसरे सेकंड में हम देश विदेश में रह रहे बच्चों की सोचते हैं ।

तीसरे सेकंड में हम

विश्व में हो रही है अशांति की सोचते हैं ।

कहीं झगड़े हैं कहीं खून खराबा है।

इस सब से कैसे ऊबरेगा संसार।

 सोच विचार कर बहुत ही दिमाग होता है खराब और 

मन बहुत कुछ विचारता है। औरमन के अंदर एक समंदर,  

लहरें उठतीं, गिरतीं, थमतीं,  

अनकही बातें।

 सपनों की बातें,  

जीवन की राहें, अनगिनत बातें।  


हर एक विचार, एक नई कहानी,  

कभी खुशी, कभी परेशानी।  

ख्वाबों के पंखों पर उड़ता ये मन,  

अनजानी मंजिलें खोजता हर क्षण।  

विचारों का मेला, विचारों की भीड़,  

कभी शांति, कभी तूफान की लहर।  

कभी उलझन, कभी समाधान,  

मन के अंदर है एक पूरा जहान।  

इन विचारों को थामने की कोशिश,  

कभी-कभी लगती है ये दुनिया बेहोश।  

पर मन की बातों में भी है एक जादू,  

जो देता है उम्मीद, और रखता है सबका ध्यान। 

साथ में सकारात्मक रखता जाता है।

हर रात की सुबह होती है ऐसा विचारता जाता है ।

वह सुबह कभी तो आएगी सब और

खुशियों का खजाना लायेगी ऐसा सोचता जाता है। 

विचारों की दुनिया, अनमोल खजाना है  

इसमें छुपा हर सवाल का जवाब है 

मन के विचार, एक गहरी नदी,  

इसमें बहते जीवन के सभी रंग और संगीत है।

कभी खुशी का संगीत है,

 कभी गम का संगीत है कभी देश प्रेम का संगीत है।

 संगीत की संगीत है।

आजादी की 78 सालगिरह पर

आज देश प्रेम का संगीत है।

तिरंगा लहराने का संगीत है

मन के विचारों को जिधर मोड़ोगे मुड़ जाते हैं।

ईश्वर आस्था के साथ में हमको एक नई राह दिखाते हैं।


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