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Pooja Upadhyay Chauhan

Tragedy

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Pooja Upadhyay Chauhan

Tragedy

मलाल

मलाल

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एहसास मुझे ही है

तेरे हर ज़ख्म का, 

जिंदगी कुछ तो बदल

तरीका ग़म देने का

आदत सी हो गई है

अब तेरे इन पैंतरों की, 


वादा रहा बहुत जल्द

उल्टी गिनती कराने का

घमंड रख तू अपनी

चालाकी पे, 

भरोसा है मुझे अपनी

खुद्दारी पे


नायाब रहेगा यह खेल

तेरी मेरी साझेदारी का, 

मलाल होगा मुझे दिल से

फ़िर तूझे खेल में हराने का। 



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