मकरसंक्रांति पर्व
मकरसंक्रांति पर्व
सूर्य उत्तरायण जब होता हैं !
त्योहार मकर संक्रांति का मनाते हैं।
उमंग मन में भर ली है नयी,
आयी रे आयी मकर संक्रांति आयी।
नये साल का शुभ दिन आया,
नयी घडी़ में संक्रांती आई !
सुप्रभात घरमें देवदेवतांएं पधारे,
मकर राशी में सूर्य देव जी पधारे।
शुभ घडीया लेकर आते हैं,
पुण्य के प्रहर से पहले!
गंगा में डुबकी लगाकर,
करो लो पावन तन मन को!
करो चीनी चावल तीलगुड़ का दान,
समेंट लो जीवन में
धन शांति लेकर प्रभु का नाम !
गल्ली मोहले में बांटे सारे,
सब मिलकर खाये प्यारे !
आसमान में उडती पतंगो से,
फिरसे उम्मीद जगाई मन में।
सपनों का आसमां छुने निकले
हौसला भरकर पंख फैलाए।
