भगतसिंग
भगतसिंग
भगतसिंग कोई नाम नहीं
नाम हैं आजादी का
दिल में शोला क्रांति का
सिर पे कफन मौत का
ख्वाब सजाया आजादी का
दिल में जोश क्रांति का
धरती माँ का रखवाला हूँ
भारत माँ का रखवाला हूँ
हमारे खून कि हर बूँद बूँद कर रही
इंकलाब जिंदाबाद का नारा
फांसी कि कोठली बनी
हमारी वो रंगशाला
अंग्रेजों को सबक सिखाया
मिट्टी का मैं रखवाला
जान हथेली पे रखकर
छेड़ी आजादी कि जंग
तेईस मार्च के अंधेरे में
गोरों गद्दारों ने फांसी सुनायी
रंग गयी कोठरी हमारे रंग से लाल
अमर हुये हम शहीद जवान
हर जुंबा पें शहीद भगतसिंग का नाम
गुंज रहा है कण कण में हर खून में इंकलाब का नाम
इंकलाब जिंदाबाद इंकलाब जिंदाबाद...
जय हिंद जय जवान अमर रहे..
