मित्रता दिवस
मित्रता दिवस
मित्रता का नाम बहुत सुना है,
इस दिवस पर बैंड देकर, हाथ मिलाए जाते हैं,
दुख के समय क्या वो काम आते हैं।
मित्र मैंने माना है जिसको,
जिसने इतने प्यार से पाला है मुझ को।
क्या कभी देखा है उनको!
जिसमें बसती सारी दुनिया है,
मुझे प्यार से बुलाती वो गुड़िया है।
कभी उसका नाम भूलो ना,
क्योंकि वह है मेरी मां।
मेरी मां जग से न्यारी,
जिसने बसतीहै दुनिया सारी।
मित्र, पापा, चाचा, चाची,
मां से सबसे ज्यादा प्यार मिलता,
जैसे लगे सरोवर में कमल का फूल हो खिलता।
वह मित्र है किस काम के,
जो है सिर्फ नाम के।
दुख के समय मुंह मोड़ लेते हैं,
सुख के समय हाथ मिला लेते हैं।
हर दुख सुख में मां हमारे साथ खड़ी रहती,
ग़लती करें हम,
हमें बचाकर हमारी डांट भी खा लेते।
दुनिया में इससे प्यारा दोस्त मिलेगा कहां,
वही मिलेगा मां हो जहां।
हाथ थमे साथ चलती है,
गले से लगाकर पास रखती है।
भगवान से दोस्ती कर बैठी हूं,
हर वक्त उन्हीं के साथ रहते हो।
मां ही मित्र, मां ही मेरा सब,
मां के नाम में बसते हैं रब।
