मिलना तो दूर
मिलना तो दूर
मिलना तो दूर है मगर दिल के पास है,
दरिया तो दूर है मगर एक बूँद प्यास है।
है कोई जो मोहब्बत से मेरी प्यास बुझा दे,
अरे! कोई मदिरा लाओ सारी उलझने मिटा दे।
हो जाऊँ नशे में कोई इतनी पिला दे,
जो दर्द है तन्हाई है वो सारी भुला दें।
"दिवाकर" डूब गया उस दरिया में,
और हमको डुबो गया गिलास में।
कतरा कतरा गटक गया हूँ,
अब मैं बहुत थक गया हूँ,
लड़खड़ाते, गिरते पहुँचा मंज़िल पर,
यादों को उसकी दफ़ना गया हूँ।

