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Sumit. Malhotra

Abstract Action

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Sumit. Malhotra

Abstract Action

महकती फ़िज़ाओं में।

महकती फ़िज़ाओं में।

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महकती फ़िज़ाएँ तेरे इश्क़ से ही महक रही है, 

महकती फ़िज़ाओं में तुम पे प्यार आ रहा है। 


अपने प्यार को सुरक्षित रखने के लिए लॉकर, 

हम दोनों के प्यार की ब्रांच का बैंक में लॉकर। 


तुम्हारी ख़ुशबू इन फ़िज़ाओं में महक रही है, 

तुम्हारा प्यार मुझे पागल दीवाना कर रहा है। 


तेरी इश्क की ख़ुशबू मेरे रोम रोम में बसी है, 

तेरा प्यार ख़ुशबू बनकर फ़िज़ा में बिखरे है। 


तेरे प्यार भरे शब्दों से फ़िज़ा हो गई रंगीन है, 

तेरे प्यार से सचमुच हो गई दुनिया रंगीन है। 


तमन्ना तेरे प्यार की बारिश में डूब हमें जाना, 

प्यार के रंग से फ़िज़ाओं को है रंगीन बनाना।


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