मेरी बहन
मेरी बहन
माँ जैसी, कभी माँ से ज़्यादा
समझे जाने अच्छे से पहचाने
दुख सुख अच्छा बुरा मेरे लिए
मेरी नस नस मुझसे ज़्यादा जाने
छोटी हो या बड़ी, मेरी सखी जैसी
मेरे सामने अपना दिल खोले
जब बात बात में भावुक हो
जब आँख मुंह से ज़्यादा बोलें
मीठी चटपटी खुल के हँसने वाली
राज़ को राज़ रखने वाली
मेरी आधी बात को पूरा करे
वो मुझको मुझसे बेहतर जाने
एक गर्भ से निकले हम
सूरत आकर चाहे अलग है
लेकिन इस दुनियां में यारों
मेरी बहन सबसे बढ़कर है।
