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Priti Rai

Classics

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Priti Rai

Classics

मेरे रघुनंदन मुझे सबसे प्यारे !

मेरे रघुनंदन मुझे सबसे प्यारे !

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दशरथ- कौशल्या के दुलारे

कैकेयी-सुमित्रा के आँखों के तारे

समस्त जगत के पालनहारे

मेरे रघुनंदन मुझे सबसे प्यारे!


भरत लखन शत्रुघ्न के भैया

जीवन संगिनी जिनकी सीता मैया

बजरंगी जिनको हर पल निहारें

मेरे रघुनंदन मुझे सबसे प्यारे!


लव कुश के हैं ये संगम

मर्यादा में पुरूषोत्तम

जिन्होनें विभीषण भी तारे

मेरे रघुनंदन मुझे सबसे प्यारे!


बाली का हो छल

या रावण का अहंकार

नतमस्तक हैं इनके आगे सारे

मेरे रघुनंदन मुझे सबसे प्यारे!

जय श्री राम !


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