STORYMIRROR

Bhawna Kukreti Pandey

Abstract

4  

Bhawna Kukreti Pandey

Abstract

मेरे प्रिय पुष्प तुम..

मेरे प्रिय पुष्प तुम..

1 min
91

प्रकृति में

मुझे फूल 

बहुत पसंद है।


इसलिए नहीं कि वे 

सुंदर दिखते हैं या 

कि वे खुशबू बिखेरते हैं।

इसलिए कि वे 

इस सख्त दुनिया मे

नरमाई से खिलते है।


सजाए जाते है सेजों पर,

बिछाए जाते है रास्तों पर, 

चढाए जाते है ईश्वर की प्रतिमा पर

और उछाले जाते है शवों पर।


मेरे प्रिय 

तुम कोमल होकर भी 

कितने शक्तिशाली हो,

तोड़े जाते हो 


फिर भी मुस्कराते हो

हर सम्भव-असम्भव 

क्षण पर।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract