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AKSHATA SAGGAM

Inspirational

3  

AKSHATA SAGGAM

Inspirational

मेरे पापा

मेरे पापा

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एक खिलौना मांगती थी मै उनसे 

वो खिलौनों से पूरा घर भर देते थे

पता नहीं क्यों पर

थोड़े दिन पापा चलकर ही दुकान जाया करते थे

दिवाली पर मैने उनसे अपने पसंद की ड्रेस मांगी 

तो ड्रेस के साथ लिफापे में एक सुंदर सा गहना था

पता नही क्यों 

पापा ने उस दिवाली पर पुराना कुरता ही पहना था

मोबाइल चाहिए था मुझे 

पापा ने वो भी मुझे लाकर दिया

पर आज तक पापा ने 

वो पुराना मोबाइल ही चला लिया

पापा थोड़े ही हैं वो जादूगर हैं वो 

जो एक मांगू हजार दे जाते हैं

हे बाप्पा अब तू भी मेरा एक काम कर दे

जो उन्हे चाहिए 

बस मुझे वो देने के काबिल बना दे

बस मुझे वो देने के काबिल बना दे!



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