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Akanksha Kumari

Abstract

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Akanksha Kumari

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मेरा यार (Friend)

मेरा यार (Friend)

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सोचा नहीं था मैंने कभी

होगी तेरी मेरी दोस्ती

जान कर तुझको मैंने जाना

क्या होता है रिश्ता याराना


खुशकिस्मत हूं मैं बहुत

पाया है तुझ जैसा दोस्त

क्या कहूं तुझसे अब मैं

तू जानता है मुझसे ज्यादा मुझे


इन कुछ महीनों की यारी में तूने

सीखा दी है दोस्ती मुझे

जो किसी से कह ना पाऊं

खुलकर तुझसे कहती हूं


कहकर तुझसे मन की बातें

दिल को हलका करती हूं

पता नहीं कैसा होता जीवन मेरा

इसमें अगर तू आया ना होता


मेरे रब ने को मुझ पर मेहरबानी

यारी हमारी बनेगी एक कहानी।


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