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Rahul S. Chandel

Inspirational


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Rahul S. Chandel

Inspirational


मेरा परिवार

मेरा परिवार

1 min 258 1 min 258

थोड़ा सा लड़ता है
थोड़ा सा झगड़ता है,
समझाता बहुत है मुझे,
रास्ता दिखाता भी है मुझे।
दूसरे को देख कर ही सीखो,
लोगो से पूछ कर करो,
मेरी खुशी में, मेरे साथ सजता है।
मेरा परिवार मुझे समझता है।

एक पिता है यहां,
जिसे जिम्मेदारी जगाती है।
एक मां है यहां,
जिसे मेरी परवरिश सताती है।
भाई मेरे साहस का ही नाम है,
बहन विश्वास ही तो है मेरा।
मुझसे ज्यादा मेरी परवाह करता है,
 मेरा परिवार मुझे समझता है।

वो पढ़ता है किताबे जरूर,
यूनिवर्सिटी कैंपस में बचपन भले बिता है।
कमाता है खर्चे चलने को आज,
घर से दूर रहकर भी जीता है।
खुद के भी हैं अपने सपने भले,
पर वो बेटा फिकर तुम्हारी करता है।
तुम्हारी खुशी का सरगम उसके कानों बजता है,
 मेरा परिवार मुझे समझता है।


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