मधुर सुमधुर आम
मधुर सुमधुर आम
मधुर सुमधुर आम के रुचि हैं नाना प्रकार,
बहुत ही न्यारे लगते है रंग बिरंग सहकार,
फलों में जिसका एकाधिपत्य करें स्वीकार,
आम ने बढ़ाया है ग्रीष्म ऋतु का अहंकार।
आस्वादन किए गए हैं अनेक तरह के फल,
सरस सुमिष्ट रस से भरा है हरेक आम्र फल,
गर्मियों के दिनों में जिनकी गिनती है विपुल,
अविस्मरणीय स्वाद पाया है यह अमृतफल।
देखे गए हैं आम के अनेक नए रकम,
हिमसागर सुवर्णरेखा मल्लिका नीलम,
सर्वश्रेष्ठ फल का पाया है जिसने सुनाम,
स्वर्ण सौंदर्य हेतु कभी कम न होगा प्रेम।
अमृतफल आम के हैं कितने अभिन्न स्वाद,
चखें खट्टे मीठे कषाय रस के स्वतंत्र सुस्वाद,
इस अनन्त सागर की स्तुति हेतु कम हैं पद,
ग्रीष्म में जो सर्वजनों के मन को करे प्रमोद।
