Vaishnavi Mohan Puranik
Children
गाँव में एक मदारी आया
संग अपने बंदर वो लाया
बंदर ने नाच तमाशा दिखाया
उछल कूद कर सबको हंसाया
इधर उधर चहका फुदका
कभी सीधा खड़ा कभी लुढ़का
सबके मन को खूब भाया
मदारी संग ऐसा बंदर लाया।
कुछ पल का जीव...
घनाक्षरी
वीर तुम बढ़े ...
तेरे बिना मैं...
छूटे ना साथ य...
देखो हमारा नव...
कामयाबी की यह...
लड़कियां
भगवान परशुराम
तुम्हारी याद ...
संतान के सबसे बड़े भगवान माता -पिता सबसे महान संतान के सबसे बड़े भगवान माता -पिता सबसे महान
दोस्ती, हाथो में हाथ थामे चलना, हर खुशी हर गम को बाटना। दोस्ती, हाथो में हाथ थामे चलना, हर खुशी हर गम को बाटना।
मैं स्वयं को सदैव निडर, सुरक्षित और खुश पाता हूं मैं स्वयं को सदैव निडर, सुरक्षित और खुश पाता हूं
खाना खाया या नहीं, पूछना जिम्मेदारी नहीं, प्यार जताने का तरीका खाना खाया या नहीं, पूछना जिम्मेदारी नहीं, प्यार जताने का तरीका
बदलते परिवेश के उनके स्कूल बचपन भी रहे जिंदा हो अनुकूल बदलते परिवेश के उनके स्कूल बचपन भी रहे जिंदा हो अनुकूल
ख्वाबों का आशियाना कोई गिराने पर तुला है मां की दुआओं का असर है हर बार बच जाता हूं ख्वाबों का आशियाना कोई गिराने पर तुला है मां की दुआओं का असर है हर बार बच जात...
सीधे रस्ते चल कर जाना वापस घर जल्दी ही आना सीधे रस्ते चल कर जाना वापस घर जल्दी ही आना
लीला उसकी प्यारी है। कृष्ण माधव सी निराली है। लीला उसकी प्यारी है। कृष्ण माधव सी निराली है।
आज एहसास होता है कि तुम दुनिया से लड़ सकती थी मेरे लिए आज एहसास होता है कि तुम दुनिया से लड़ सकती थी मेरे लिए
पेरेंट्स फोटो क्लिक कर रहे परफॉर्मेंस का वीडियो बना रहे पेरेंट्स फोटो क्लिक कर रहे परफॉर्मेंस का वीडियो बना रहे
हार में जीत सी है वो, बैरी दुनिया में मीत सी है वो। हार में जीत सी है वो, बैरी दुनिया में मीत सी है वो।
कपड़े खराब होने की परवाह नहीं हमें तो टिकोरा चाहिए कपड़े खराब होने की परवाह नहीं हमें तो टिकोरा चाहिए
मेरी मां मुझको राजा बेटा कहकर बुलाती थी। मेरी मां मुझको राजा बेटा कहकर बुलाती थी।
माँ के 'दुग्ध' का ऋण माँ के 'दुग्ध' का ऋण
तोता हूं मैं तोता हूं हरी डाल पर सोता हूं। तोता हूं मैं तोता हूं हरी डाल पर सोता हूं।
मां का दिल भले ही टूट कर बिखर जाए पर उसका प्यार धैर्यवान और क्षमाशील होता है मां का दिल भले ही टूट कर बिखर जाए पर उसका प्यार धैर्यवान और क्षमाशील होता है
जनवरी को कहते पौष माह फरवरी को कहते माघ माह। जनवरी को कहते पौष माह फरवरी को कहते माघ माह।
जाने बच्चों को कौन सा गम मार देता है अब वो मां से खाना पसंद नहीं करते, जाने बच्चों को कौन सा गम मार देता है अब वो मां से खाना पसंद नहीं करते,
जीवन था सेवा और परोपकार नारी शक्ति का है अमर विचार जीवन था सेवा और परोपकार नारी शक्ति का है अमर विचार
मां बोली सपने तो सपने होते हैं हकीकत यह है, उठो स्कूल जाओ। मां बोली सपने तो सपने होते हैं हकीकत यह है, उठो स्कूल जाओ।