STORYMIRROR

Kajal Mandal

Romance Tragedy

3  

Kajal Mandal

Romance Tragedy

मौसम

मौसम

1 min
215

तुम मोहब्बत भी मौसम की तरह निभाते हो

कभी बरसते हैं तो कभी एक बूंद को तरसाते हो

तुम मोहब्बत भी मौसम की तरह निभाते हो,

 

कभी जैसे कोई अनजान हवाएं मुझसे टकराती हो, 

कभी तुम अनजान बन सामने से गुज़र जाते हो


तुम बदलते मौसम की तरह हर बार मुझसे टकराते हो

हर बार एक नई सी मोहब्बत, मौसम सी कर जाते हो


तुम मोहब्बत भी मौसम की तरह निभाते हो

कभी जैसे मुझसे कहनी हो तुम्हें कई बातें, तो

कभी मुझसे अनजान बन नाराज़ हो जाते हो

तुम मोहब्बत भी मौसम की तरह निभाते हो।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance