मैं उसे देखता रहा!!
मैं उसे देखता रहा!!
सिलसिला यूं ही चलता रहा।
वो मुझे देखती रही, मैं उसे देखता रहा।
वक्त कितना बीत गया।
पता ही नही चला।
कहना तो बहुत कुछ चाहा,लेकिन कुछ कह न सका।
सिलसिला यूं ही चलता रहा।
वो मुझे देखती रही, मैं उसे देखता रहा।
कभी नजरें मिलता,कभी नजरें चुराता।
सच से मैं भागता रहा।
दिल ही दिल में उसे चाहता रहा।
सिलसिला यूं ही चलता रहा।
वो मुझे देखती रही, मैं उसे देखता रहा।
सोचता हूं...
हाले दिल उसे कैसे बताऊं।
सोचता हूं...
प्यार के गीत उसे कैसे सुनाऊं।
उसके दिल में अपनी मोहब्बत का दिया कैसे जलाऊं।
उसके होटों से खुद को पिया कैसे कहलाऊं।
अपने दिल की ये बात मैं अपने दिल में ही कहता रहा।
सिलसिला यूंही चलता रहा।
वो मुझे देखती रही, मैं उसे देखता रहा।
मौत भी आएगी वक्त भी आयेगा।
मेरी आंखों के सामने उसे कोई और ले जाएगा।
किसी और का होने से उसे कैसे बचाऊं।
मोहब्बत के शोले मैं कैसे भड़काऊ।
ये सोच कर...
तन्हाई में आंसू बहता रहा।
सिलसिला यूं ही चलता रहा।
वो मुझे देखती रही, मैं उसे देखता रहा।

