STORYMIRROR

Mamta Rani

Abstract

3  

Mamta Rani

Abstract

मातृशक्ति

मातृशक्ति

1 min
413


माँ भवानी हे माँ कल्याणी तुम्ही दुर्गा महारानी,

संकट हरती भक्तों के तुम ,माँ तुम्ही हो वरदानी।

सिंह सवारी करती है माँ ,नौ रूपों में जानी जाती-

प्रेम भाव अलंकार से पूजी जाती माँ जगदम्बा भवानी।।


मातृशक्ति हो माँ तुम ही तुम ही सारा संसार हो,

निरंकार है ज्योति तुम्हारी तुम जीवन का आधार हो।

दिव्य स्वरूप जगजननी माँ महिषासुर मर्दिनी माता -

ममतामयी हो माँ तुम ही तुम ही दुष्टों का संहार हो।।




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract