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अंजनी कुमार शर्मा 'अंकित'

Abstract

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अंजनी कुमार शर्मा 'अंकित'

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माँ

माँ

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माँ ममता की खान है, करती सुत को प्यार।

माँ की सेवा जो करे, मिटते कष्ट अपार।।

मिटते कष्ट अपार, सुख-संपत्ति घर आवै।

जग में ना हो हार, सदा ही आदर पावै।।

कहे 'अंजनी कुमार', पूज्य होती है माता।

रिश्ता ये अनमोल, जगत माँ के गुण गाता।।


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