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Chinmaya Kumar Nayak

Abstract

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Chinmaya Kumar Nayak

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माँ

माँ

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मां ने मुस्कुरा दी तो खिल उठा है जिंदगी

उसकी नमी आंखों से डूब जाती है जिंदगी।।


मां की आँचल में चमकती है करुणा की सितारें

तू खुदा है, जीबन भर करता रहूँ तेरी बंदगी। 


तेरी दुआओं की असर ये की में मुस्कुरा रहा हूँ

हर तूफान थम जाती है देखके तेरी चेहरे की सादगी।


लिखूं तो लिखता रहूँ शब्दों में क्या करूँ में बयाँ

तेरे नाम से ही सुरु और तेरे नामसे खत्म है जिंदगी। 


साहित्याला गुण द्या
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