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Kavita Sachin Rohane

Abstract

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Kavita Sachin Rohane

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माँ

माँ

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माँ होती है ममता का सागर..

प्यार से भरी हुई गागर ..


माँ होती है चांद का नूर..

बच्चे का गुरुर..


माँ होती है भगवान का रूप

दुवा देती है जो खूप..


माँ होती है सुख का एक आचल

हटा देती है जो दुखों के बादल..


माँ होती है एक जन्मदाता

एहसान उसका कोई नहीं चुका पाता।


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