मां के हाथ का खाना
मां के हाथ का खाना
मां के हाथ का खाना लाजवाब होता है
इसे खाने वाला शख्स आफ़ताब होता है
वो लोग दुनिया मे बड़े ही नसीब वाले है,
जिनके नसीब में मां का खाना होता है
जो मां के हाथों से खाना खाया करते है,
वो वाकई में बहुत अमीर भाया होता है
मां के हाथ का खाना बड़ा नायाब होता है
इसे खानेवाले को जन्नत का दीदार होता है
मां के हाथ का खाना लाजवाब होता है
इसे खानेवाला शख्स आफ़ताब होता है
पर वो क्या समझेंगे अपनी मां को साखी,
जिनके मां वृद्धाश्रम का तोहफ़ा होता है
वो बड़े बदनसीब है,जो ख़ुदा को मानते है,
वो अपनी माँ को ज़रा भी नहीं जानते है,
मां ही पहला, आख़िरी ज़िंदा ख़ुदा होता है
मां के हाथ का खाना लाजवाब होता है
इस दुनिया वो लोग बड़े ख़ुशनसीब है ,
जिन्हें अपनी मां का प्यार नसीब होता है
मां के हाथ का खाना जिंदा ख़्वाब होता है
इसे खानेवाला सच मे फूल गुलाब होता है
