मां _बेटी
मां _बेटी
मां बेटी से जग सजे, ममता की ये खान।
खिले परिवार फूल सी,सुन्दर अनुपम शान।।
मां मूरत हैं त्याग की, रखती असीम प्यार।
बेटी घर की नूर है, सरस रत्न उपहार।।
मां बेटी के पास है, दुनिया की सब रत्न।
करें सम्मान हम सभी, करते रहिए यत्न।।
मां करुणा की धार हैं, मधुर मधुर हैं बोल।
बेटी कल की मूल हैं, दोनों हैं अनमोल।।
मां बेटी से हम सभी,सजता है परिवार।
धरा नित्य सज अरु खिले,जीवन में उजियार।।
