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Supriya Singh

Inspirational

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Supriya Singh

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लोकतंत्र का महापर्व

लोकतंत्र का महापर्व

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लोकतंत्र के महापर्व में, मिलकर सब प्रतिभाग करें।

दान करें अपना मत, मतदाता बन मतदान करें। 

हर एक मतदाता का, बहुमूल्य बड़ा मतदान है।

भारत के हर नागरिक का, ये बड़ा अमूल्य उपहार है।

भावी नेता चुनने का, संविधान ने दिया अधिकार है।

देश की डोर कौन थामेगा, निर्णय का ये आधार है।

भारत के हर नागरिक का, परम कर्तव्य मतदान है।

अपने मत के प्रयोग का, सुनहरा अवसर मतदान है।

भारत माँ की रक्षा का, रक्षक चुनाव से चुनना है।

सही दिशा जो ले जाये, नेता वो देश का चुनना है।

रक्षक-भक्षक दोनों में सही, मिलता चुनने का मौका है।

गर चूक गए मौके से फ़िर, पछताना कई वर्षों का है। 

अवसर सबको ये रोज़ नहीं, वर्षों उपरांत ही मिलता है।

अब भी जो जागे नींद से न, फ़िर दोष न किसी को देना है।

आओ सब मिलकर महायज्ञ में, अपना मत दे आहूत करें।

लोकतंत्र के महापर्व पर, मिलकर सब प्रतिभाग करें।

मतदाता बन मतदान करें, आओ मिलकर मतदान करें।।



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