STORYMIRROR

Tanveer Ahamed M Mulla

Romance

1  

Tanveer Ahamed M Mulla

Romance

लम्हे

लम्हे

1 min
145

थम सा गया हूँ मैं उन लम्हों में,

जब उस हूर को देख लिया था

इन आंखों ने,

झूम रहा था मैं

उन जन्नत की गलियों में,

फूलों सी थी खुशबू इन हवाओं में।


एक सुकून सा लग रहा था,

तेरी उन बातों में,

एक नशा सा लग रहा था,

तेरी उन आदाओं में,

काश! जी लेता ज़िन्दगी सारी

उन्हीं कुछ लम्हों में!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Tanveer Ahamed M Mulla

लम्हे

लम्हे

1 min पढ़ें

नारी

नारी

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Romance