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Pawanesh Thakurathi

Abstract

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Pawanesh Thakurathi

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लगा अर्जुन तीर निशाने में

लगा अर्जुन तीर निशाने में

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नहीं लगेगा वक्त

हार को विजय बनाने में। 

लगा अर्जुन तू

तीर निशाने में। 


मत सोच कि तू चूक गया

मत मांग किसी से भीख, दया

बढ़ते जा, बढ़ते जा

बाधाओं से लड़ते जा

नहीं लगेगा वक्त

मंजिल को समीप आने में। 

लगा अर्जुन तू

तीर निशाने में।


चींटी दाना-दाना ढोकर

निज गोदाम बना लेती है

सक्सेस परिश्रमी प्राणी को

अवश्य ही अपना लेती है

नहीं लगेगा वक्त

अंधियारा दूर भगाने में। 

लगा अर्जुन तू

तीर निशाने में।। 



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