STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Abstract

3  

Kavita Sharrma

Abstract

लेखक

लेखक

1 min
134

लेखक का जीवन इतना आसान नहीं

शब्दों के संग चलती है राह कठिन

समाज की सच्चाई को उजागर है करता

कभी कविता, कहानियों में नये अनुभव गढ़ता

स्वयं को जानने में ही लगा रहता है 

कभी प्रशंसा का पात्र है बन जाता

मंच पर लेखन उसका सराहा है जाता

कभी आलोचना का भी शिकार है बनना पड़ता

कड़वे घूंट और तानों को भी सहना है पड़ता

लेखन एक अनवरत यात्रा है

उसके जाने के बाद भी जो चलती रहती है


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract