क्योंकि समाज से वो डरते हैं
क्योंकि समाज से वो डरते हैं
लोग प्यार से क्यों डरते हैं
खुलकर बात क्यों नहीं करते
जो छुपम-छुपा प्यार करते हैं
वो प्यार नहीं अपराध करते हैं
क्योंकि समाज से वो डरते हैं
रेप बलात्कार वो ही करते हैं
गन्दी बातें भी वो ही करते हैं
जब अकेले में देखते हैं कोई लड़की
अमानुषी अत्याचार उन पर करते हैं
क्योंकि समाज से वो डरते हैं।
जो लड़कियां खुलकर रहती है
प्यार खुलकर सबसे करती है
उनसे दूर दूर ही ये रहते है
निकट कभी नहीं उनके आते हैं
क्योंकि समाज से वो डरते हैं
ये सफेदपोश अपराधी है
दुनिया में छवि इनकी उज्जवल है
किंतु रात के अंधेरों में
लड़कियों की देह ये भी नोचते हैं
क्योंकि समाज से डरते हैं।
