Barsa Pradhan
Tragedy
Hi hi hi hi hi hi hi hi hi hi hi hi
चलो लिखते हैं
hi
hhhhhhhhh
ggggg
kkkkk
चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर । चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर ।
तेरे लंबे बाल और गुलपोशी के चर्चे हर जगह थे खुबसूरती बेहद थी तुझमें पर पहरे हर जगह थे. तेरे लंबे बाल और गुलपोशी के चर्चे हर जगह थे खुबसूरती बेहद थी तुझमें पर पहरे ह...
बस जन्म जहाँ परिचायक हो, फिर चाहे योग्य या नालायक हो। बस जन्म जहाँ परिचायक हो, फिर चाहे योग्य या नालायक हो।
संसद में हो या गलियों में, नारी का अपमान गलत है । संसद में हो या गलियों में, नारी का अपमान गलत है ।
हे प्रकृति की मासूम प्रतिनिधि! हम तुम्हारे अपराधी हैं.. हे प्रकृति की मासूम प्रतिनिधि! हम तुम्हारे अपराधी हैं..
अपने घर का हाल देखकर,चुप रहना मत रोना अम्मा । अपने घर का हाल देखकर,चुप रहना मत रोना अम्मा ।
हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था
घर घर जाके सबको हम सपना यही दिखाएंगे अच्छे दिन आएँगे, अच्छे दिन आएँगे। घर घर जाके सबको हम सपना यही दिखाएंगे अच्छे दिन आएँगे, अच्छे दिन आएँगे।
अगन लगी हुई है,मेरे इस हृदय के बहुत भीतर। अगन लगी हुई है,मेरे इस हृदय के बहुत भीतर।
छाती से चिपकाकर सुधियाँ पीड़ाओं ने लोरी गायी ! छाती से चिपकाकर सुधियाँ पीड़ाओं ने लोरी गायी !
तथा स्क्रीन पर आ गए भगत, सुभाष और अन्य वीर क्रांतिकारी। तथा स्क्रीन पर आ गए भगत, सुभाष और अन्य वीर क्रांतिकारी।
यह मन के जुगनू हमें कभी अस्त व्यस्त तो कभी मस्त मस्त रखते हैं। यह मन के जुगनू हमें कभी अस्त व्यस्त तो कभी मस्त मस्त रखते हैं।
कुछ भी करें आज़ाद है अब तो हम, अधिकार ही हैं,फर्ज़ कहाँ मानते हैं। कुछ भी करें आज़ाद है अब तो हम, अधिकार ही हैं,फर्ज़ कहाँ मानते हैं।
नाराज हूँ...!! उन तमाम बच्चों से जो फ्रस्ट्रेशन में आकर खो देते हैं अपना जीवन। नाराज हूँ...!! उन तमाम बच्चों से जो फ्रस्ट्रेशन में आकर खो देते हैं अप...
आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़ने का जुगत आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़न...
औंधी पड़ी हुई धरती पर, निपट अभागिन छाँव। औंधी पड़ी हुई धरती पर, निपट अभागिन छाँव।
द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण
दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है। दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है।
पुस्तकों में जो कुछ वर्णन पढ़ा था उससे भी भीषणतम क्रूर कलियुग है। पुस्तकों में जो कुछ वर्णन पढ़ा था उससे भी भीषणतम क्रूर कलियुग है।
मुझे लगता है यह जीवन रंगमंच है और मैं बस एक कुशल अभिनेत्री हूँ। मुझे लगता है यह जीवन रंगमंच है और मैं बस एक कुशल अभिनेत्री हूँ।