STORYMIRROR

Mukesh Bissa

Abstract

3  

Mukesh Bissa

Abstract

क्या है जिंदगी

क्या है जिंदगी

1 min
18


सांसो का एक हिसाब है जिंदगी

पलों की एक किताब है जिंदगी

कुछ उम्मीदें अधूरी

कुछ मन्नतें पूरी

कभी सुख की बारी

कभी दुख की बारी

कभी मदमस्त बसंत

कभी तेज सी तपन

कभी अपनों के संग

कभी परायों के संग

कभी अमीरी का नशा

कभी गरीबी की दशा

कभी खिलखिलाता बचपन

कभी सुनसान सा यौवन

कुछ इन्ही सवालों का हिसाब है जिंदगी।






Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract