STORYMIRROR

Anil Gupta

Inspirational

3  

Anil Gupta

Inspirational

कविता

कविता

1 min
229

माताजी 

प्रभु श्री कृष्ण की 

अनन्य भक्त हैं 

वे कबसे कर रही हैं 

आँगन में तुलसी का 

पौधा लगाने की 

मगर रोजमर्रा की 

भाग दौड़ के बीच 

मैं उनकी बात को 

आज कल पर टालता रहा 

मगर एक दिन 

उन्होंने

गुस्से में आकर कह दिया 

तू तुलसी का महत्व 

नही समझता इसीलिए 

उसके प्रभाव से अनजान है 

यदि आज तू नही लाया 

तो में खुद ले आऊँगी 

तब मैं 

उन्ही के साथ जाकर 

उनकी पसंद को 

घर ले आया 

कुछ ही दिनो बाद

मुझे सचमुच

परिवर्तन नजर आया 

जो पौधे 

पहले से घर मे लगे थे 

उनमें भी तुलसी के कारण 

ज्यादा ऊर्जा नजर आई 

घर के सभी सदस्य 

अब प्रसाद के साथ 

तुलसी का यानी 

दिव्य औषधी का 

सेवन करने लगे

अब में यकीनन 

कह सकता हूँ कि 

यह मेरे जीवन का 

यादगार पल है

जबसे मैंने आँगन में 

तुलसी का पौधा रोपा हे 

तबसे घर और जीवन मे 

बहार आ गई है ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational