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कुछ तो था तेरी आँखों में

कुछ तो था तेरी आँखों में

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कुछ तो था तेरी आँखों में

ज़रा ख़्वाब सा, सपने जैसा 

मानो रौनक सी है उन काली आँखों में

कही डूब न जाऊँ तेरे प्यार में


वो तेरी काली काली आंखों तले वो काजल

तेरे होठों की लाल अदा 

तेरी नमकीन हँसी

और उन घने बालों में कही खो न जाऊँ


जादू है या नशा ?

प्यार है या यूं ही पागलपन

तू तू ही है या जादूगरी

तुझसे राब्ता है या बस यूं ही बातें


तेरी आँखों की वो नमकीन गुस्ताखियाँ

तेरा चाँद सा मुखड़ा

काली काली आँखें

और जानलेवा हँसी

बस इसी में कही दफ़न न हो जाऊँ प्यार में

इत्र सा तेरा नाम 

पल में ही घायल कर दिया न तूने यार


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