End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!
End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!

कुछ तो था तेरी आँखों में

कुछ तो था तेरी आँखों में

1 min 153 1 min 153

कुछ तो था तेरी आँखों में

ज़रा ख़्वाब सा, सपने जैसा 

मानो रौनक सी है उन काली आँखों में

कही डूब न जाऊँ तेरे प्यार में


वो तेरी काली काली आंखों तले वो काजल

तेरे होठों की लाल अदा 

तेरी नमकीन हँसी

और उन घने बालों में कही खो न जाऊँ


जादू है या नशा ?

प्यार है या यूं ही पागलपन

तू तू ही है या जादूगरी

तुझसे राब्ता है या बस यूं ही बातें


तेरी आँखों की वो नमकीन गुस्ताखियाँ

तेरा चाँद सा मुखड़ा

काली काली आँखें

और जानलेवा हँसी

बस इसी में कही दफ़न न हो जाऊँ प्यार में

इत्र सा तेरा नाम 

पल में ही घायल कर दिया न तूने यार


Rate this content
Log in

More hindi poem from Nik Patil

Similar hindi poem from Romance