STORYMIRROR

Prajapati Parth

Romance

3  

Prajapati Parth

Romance

कुछ कुछ होता है ...

कुछ कुछ होता है ...

1 min
368

आज भी जब तुमसे बात करता हूँ ।।

कुछ कुछ होता है

कुछ कुछ होता है


रिश्तों को तोड़कर कहीं आगे

निकल गए हम,

कहीं नए चेहरे आए सामने,

कितनी हँसी से टकराये है हम,

ना जाने कितने मोड़ पार

कर गए हम,

पर ना जाने क्यूँ आज भी

तेरी हँसी को देखकर,

कुछ कुछ होता है

कुछ कुछ होता है


पहले रोज होती थी, दिल से

दिल की बातें तुझ से,

रोज होता था मोहब्बत का

इज़हार तुझ से,

हँसना रोना मानो इक

ख़ूबसूरत पल जैसा था,

आज जब भी वो पल ये दिल

दोहराता है,

ख़ुदा जाने क्यूँ,

कुछ कुछ होता है ।।

कुछ कुछ होता है ।।


गुज़र गया वो जमाना,

गुज़र गए वो पल,

मीलों के फासले

हमारे बीच हैं ,

मीलों की दूरियाँ,

पर न जाने कैसा था

हमारा कनेक्शन,

आज भी तेरे नाम से,

इस दिल को

कुछ कुछ होता है

कुछ कुछ होता है ...


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance