करो जम के पिलाई।
करो जम के पिलाई।
छोड़ पाठशाला आओ चले मधुशाला
सरकार ने ये खोला है भाई करो जम के पिलाई।
बन्द किया देश पूरा काम सब है अधूरा
बस मधुशाला खुलवाई करो जम के पिलाई।
घर से निकलना नहीं, एक कदम चलना नहींं
घर मधुशाला पहुंचाई करो जम के पिलाई ।
नहीं डिस्टेंसिंग सीखे वहां सब किंग दीखे
करें ऊपर नीचे चढ़ाई करो जम के पिलाई।
यही चाहे सरकार पीते रहो बेकार
हरी झंडी तभी तो दिखाई करो जम के पिलाई।
धर्म जाति भेद नहीं गरमी में स्वेद नहींं'
एक दूजे से हाथ मिलाई करो जम के पिलाई।
रशन को पैसा नहींं वहाँ कोई ऐसा नहीं
जिसने हो गरीबी दिखाई करो जम के पिलाई।
दें चुनाव में शराब काम नहीं है खराब
विधायक ने बटवाई करो जम के पिलाई।
पुलिस परेशान हुई, देख हैरान हुई
तब जाके लट्ठ चलाई करो जम के पिलाई।
बीवी, बच्चे बड़े- बड़े, खुद पी नाले में पड़े
कहे जय हो कोरोना माई, करो जम के पिलाई।
पीना भी है देशहित नहीं मधुशाला वर्जित
पीकर मर जाओ भाई करो जम के पिलाई।
कोरोना का है जो भय दारू देता है अभय
महामारी दूर भगाई, करो जम के पिलाई।
तेल दाल में कोरोना दूध तो कभी न पीना
दिया दारू शुद्ध दिखाई करो जम के पिलाई।
कोरोना भी खास हुआ, सबको 'एहसास' हुआ
इसने इतिहास रचाई, करो जम के पिलाई।
रोज-रोज मरने से अच्छा मेरे सरकार
एक दिन जहर देकर 'एहसास' को दे मार।
फिर कर लें खूब कमाई, करो जम के पिलाई।
