Prashant Beybaar
Abstract Inspirational Others
सुनी है किसने वो रातों की सरगोशी
वो तारों की झिलमिल किसने सुनी है
न है कहीं जन्नत, न है नरक का रास्ता
जो है वो यहाँ है हाँ यहीं है, यहीं है।
लोग बैठे हैं ...
हौसला
फूल दिल तक़दी...
प्यास हूँ सहर...
कार के शीशे म...
ऐसे भी ग़म होत...
कोई तदबीर हो ...
जागी पलकों पे...
मीलों की दूरी...
आँखों में जो ...
इक तरफा इश्क़ था तो हम मुस्कुरा लेते थे हंँसी में उसकी शामिल होकर गुनगुना लेते थे। इक तरफा इश्क़ था तो हम मुस्कुरा लेते थे हंँसी में उसकी शामिल होकर गुनगुना लेत...
भीगी पलकों से अपनी बिटिया को विदा करता है। भीगी पलकों से अपनी बिटिया को विदा करता है।
तुझ संग थोड़ी सी दिल्लगी कर लेते है पर अलविदा कर के छोड़ दे मुमकिन नहीं , तुझ संग थोड़ी सी दिल्लगी कर लेते है पर अलविदा कर के छोड़ दे मुमकिन नहीं ,
पुलकित सारे बैठे रहते , अचरज भरी हिलोर से !! पुलकित सारे बैठे रहते , अचरज भरी हिलोर से !!
कौन किसके नंबर पर कॉल करता है, ये तो उस इंसान की प्राथमिकता बताती है। कौन किसके नंबर पर कॉल करता है, ये तो उस इंसान की प्राथमिकता बताती है।
कब तक यूं पढ़ते जाओगे? आखिर, नौकरी कब पाओगे? कब तक यूं पढ़ते जाओगे? आखिर, नौकरी कब पाओगे?
कब तक काटोगी जिंदगी का सफर तन्हा, कोई साथ होगा तो रास्ता आसान होगा, कब तक काटोगी जिंदगी का सफर तन्हा, कोई साथ होगा तो रास्ता आसान होगा,
ये अमानत चलो आज अहले-जहाँ की नज़र कर के देखते हैं। ये अमानत चलो आज अहले-जहाँ की नज़र कर के देखते हैं।
दर्द देने वाले तो दर्द देकर चले जाते है भूल जाते है लोग उनको, दर्द देने वाले तो दर्द देकर चले जाते है भूल जाते है लोग उनको,
अपनी दुआ कबूल होने की दुआ मांगता होगा, हर कोई है तन्हा तन्हा ये सोच रो लेता होगा, अपनी दुआ कबूल होने की दुआ मांगता होगा, हर कोई है तन्हा तन्हा ये सोच रो लेता ह...
प्रकृति की छटा निराली है कभी सूरज की लालिमा से सिंदूरी सी दिखती है। प्रकृति की छटा निराली है कभी सूरज की लालिमा से सिंदूरी सी दिखती है।
बीते किस्सों की तस्वीर सुहानी, लगे हकीकत की कहानी, बीते किस्सों की तस्वीर सुहानी, लगे हकीकत की कहानी,
हे राम गाते रहेंगे तेरे नाम तू मर्यादा पुरुषोत्तम राम कर्म-क्षेत्र हो या गृहस्थाश्र। हे राम गाते रहेंगे तेरे नाम तू मर्यादा पुरुषोत्तम राम कर्म-क्षेत्र हो ...
ये मैं न अब मैं नहीं रही अब वो भी तेरे नाम की।। ये मैं न अब मैं नहीं रही अब वो भी तेरे नाम की।।
दशा बदलती , भाव बदलते , समय बदल सा जाता है !! दशा बदलती , भाव बदलते , समय बदल सा जाता है !!
रूकावटें रोक न पायेंगी, गति का नियम ये कहता है। रूकावटें रोक न पायेंगी, गति का नियम ये कहता है।
जीवन से संघर्ष करते निर्धन गरीब लाचार लोग जीवन से संघर्ष करते निर्धन गरीब लाचार लोग
आज जब मेरी सज़ा लिखी जा रही है, क्या मुझसे भी कोई पूछने आयेगा? आज जब मेरी सज़ा लिखी जा रही है, क्या मुझसे भी कोई पूछने आयेगा?
हरि के रंग में रंग जाने को हर मन है अब तो तैयार हरि के रंग में रंग जाने को हर मन है अब तो तैयार
विचारों के इस महासागर में मन नैया सम डोलत जाए ! विचारों के इस महासागर में मन नैया सम डोलत जाए !