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Pankaj kumar Samal

Drama Inspirational

4.6  

Pankaj kumar Samal

Drama Inspirational

कर्म

कर्म

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बिना कामके नाम ना होवे,

काज करेजा यार,

पग पग पर कांटे भी होंगे,

चल चल तू होजा पार।


कुछ ना करके जीना होये,

जैसे बिना नमक आहार,

कर कुछ ऐसा खास तू,

जिसे याद रखे संसार।


कोस कोस के कब तक तू,

दोश देगा भगवान को,

सोच सोच के कब तक यूं,

कोसेगा खुद के भाग्य को।


भगवान भी उनके साथ ही होवे,

जो काम है करता यार,

चल चंचल कुछ ऐसा कर ले,

जिसे याद रखे संसार,

जिसे याद रखे संसार।


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