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Ruchika Rai

Abstract

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Ruchika Rai

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कर्म पथ

कर्म पथ

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तू मुश्किलों से न डर,

हौसलों से आगे बढ़,

रख हिम्मत तू सदा ही,

आगे तेरे कर्म पथ।

शूल राह में बिछे,

सेज फूल के नही सजे,

तो भी आगे बढ़ता चल

डरकर पीछे मत हट।

जीत हो चाहे हार हो,

ठने मृत्यु से भले रार हो,

मंजिलें कदम बढ़ाये जा

कर्तव्य तेरा यह समझ।

जिंदगी की एक कहानी है,

सबको मिलती नहीं जिंदगानी है,

जो काम आये दूसरों के

तेरा जीवन बनें सफल।

हो गहन तिमिर तो क्या हुआ,

संकटों से घिरा तो क्या हुआ

हर समस्या का हल मिले

ये विश्वास सदा मन में रख।

आगे तेरा कर्म पथ, आगे तेरा कर्म पथ।


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