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कोशिश

कोशिश

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कोशिश हमारी नाकाम क्यों होती है

कहानी ये खत्म तमाम क्यों होती है

चढ़ के गिरना ही चीटियों का नसीब है 

बदनामी यहाँ सरेआम क्यों होती है

रास्ते हैं खुले जहाँ उनके लिए सारे 

सडकें हमारे लिए जाम क्यों होती है

इशारों से कर लेते है वह सारी बातें

वो हमारे लिए पैगाम क्यों होती है

     


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