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Jaya Rohin

Abstract

4  

Jaya Rohin

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कोरोनमयि दुनिया ।

कोरोनमयि दुनिया ।

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कोरोना में दुनिया

या दुनिया में कोरोना


क्या शान थी दुनिया की,

अब क्या हाल हो गया दुनिया का

कोरोना में दुनिया खो गयी,

दुनिया में कोरोना हो गया


कोरोना में दुनिया

या दुनिया में कोरोना


तीन अक्षरों ने,

तीन अक्षरों पर

तबाही मचा दी,

हर वर्ग मजबुर हो गया,

इन्सान लॉक डाउन में कैद हो गया


कोरोना में दुनिया

या दुनिया में कोरोना


धार्मिक स्थलों के पट बन्द हो गये,

नये आइशोलेशन केंद्र बन गये,

डाक्टर बना इन केंद्रो का पुजारी,

मुख्य उदेश्य हुआ

कोरोना मरीज को ठीक कर

पॉजिटिव से नेगेटिव करना ,

कोरोना को दुनिया से भगाना,

दुनिया से कोरोना को भगाना


कोरोना में दुनिया

या दुनिया में कोरोना


दुनिया में कोरोना का जाल हो गया,

मानव धर्म जो संकट में फ़स गया,

सामाजिक दूरिया ही कोरोना का ईलाज हो गया,

घर में रहना ही लोगों की सुरक्षा बन गया

कोरोना से मुक्ति ही दुनिया का बचाव हो गया

जय हिन्द जय भारत।


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