प्राण वायु की कीमत
प्राण वायु की कीमत
इस महामारी में,हो रही हैं मारामारी
सांसों की कीमत का दौर चल रहा हैं,
हो रही हैं किल्लते, इस दौर में प्राण वायु की।
इस तकनीकी युग में
पेड़-पौधों का दोहन,जंगलों का सर्वनाश,
मूक-बधिर पशुओं की आवारगी ने
सबक सिखा दिया की क्या होती हैं
प्राण वायु की कीमत
इस महामारी में
हो रही हैं मारामारी।
वैज्ञानिक युग में लोगों की जान
वैज्ञानिक वायु पर टिकी हैं ।
पर वो भी रास्तों और भंडारण
में अटकी पड़ी हैं।
मानव जीवन हारता नजर आ रहा हैं
वेंटिलेटर,अस्पतालों और सडकों पर
दम तोड़ता नजर आ रहा हैं।
इस महामारी में
हो रही हैं मारामारी।
ये कैसा प्रलय आ गया हैं
इन्सां को बाहरी इन्सां से
खतरा बढ़ गया हैं
ये संक्रमण का दौर हैं
या मानव जीवन का इम्तिहान
संक्रमण की चैन तोड़ो
घर में खुद को कैद रखो
और प्रकृति के जीवन को सुधारों
ताकि अब ना हो कोई महामारी
ओर ना कोई मारामारी।
