STORYMIRROR

Ajay Goswami

Inspirational

4  

Ajay Goswami

Inspirational

कोरोना

कोरोना

1 min
292

पूछो उन नादान परिंदों से,

जिनकी उड़ान पिंजरे रोकते हैं, 

ख्वाहिश उनकी भी आसमान नापने की

हम दिल बहलाने को टोकते हैं।


इंसान होकर घबरा रहे 21 दिन में

क्या इतने के लिए ही सीना ठोकते हैं।

कभी जाना सर्कस के शेर से

क्या लगती है जिंदगी बंद रहने पर 


हम तो निकलेंगे कुछ वक्त से 

वो अपनी जिंदगी को ही कोसते हैं

देश का बस देश को इतना सा साथ चाहिए

जहाँ हैं जिस हाल में हैं, बस वही रह जाइए।


जरूरी तो नहीं सब सीमा पर लड़े

घर से ही अपनी देश भक्ति दिखाइए

राह ए अंधकार बहुत आते हैं, 

जरूरी तो नहीं सबसे डरकर भगा जाए।


जब सोच लें जब जान लें

जब से ही इसको हटाया जाए,

ये दौर जो इतना मचलता जरूर है, 

ये वक्त है सहाब ये बदलता जरूर है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational