STORYMIRROR

vaishu Patil

Inspirational

2  

vaishu Patil

Inspirational

कमजोर नहीं हम लड़कियां..

कमजोर नहीं हम लड़कियां..

1 min
106

सुनाना चाहती हूँ मैं अपनी बुलन्द आवाज से .. 

कमजोर नहीं है हम लड़कियां...

नाही पुतलियां किसी के हाथ की .. 

बस करो अब हम पे ये झूठे इल्जाम लगाना ..

किसी की गुलामी के मोहताज नहीं हम .. 

जी सकते है .. जी लेंगे अपनी मर्जी ..

जरा लेने तो दो हमें साँस सुकूँ भरी ...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational